
धर्म की रक्षा के लिए गलत जगह भी रुपया खर्चना जरूरी होता है - चाणक्य
भगवान श्री कल्कि की सरल नियमावली परिवार-व्यापार-खुशहाली बढ़ाने हेतु
दान/शुम का रुपया यह वेदों पुराणों से प्रमाणित वो धर्म का रुपया है । जो आमदनी का दशांश यानी 10प्रतिशत होता है । जबकि कल्कि जी कि सरल नियमावली में तो कंल्कि जी मिलने पर कर बताया है । जैसे अमरीका रह रहे बिना कानून का पालन करने वालों को बेडी लगाकर डी पोर्ट कर दिया ऐसे नीचे दिए अनेकों में से कुछ कल्कि वालों को ही नहीं धर्म का दशांश निकालने वाले मनचलों के दिवाले (बैककरप्टी) आज भी दिल्ली कि अनाज मंडी कपड़े कि कोठीयो सूरत दिल्ली आदि में आम बात है।
शुभ के खजाने का 30% श्री कल्कि के साहित्य सृजन, मूर्ती स्थापना में अवश्य योगदान दें बचा हुआ 70% कल्कि भगवान के विभिन्न कार्यों में लगाए जैसे घी, हवन सामग्री, कल्किजी के महोत्सवों में जाने का किराया आदि। इससे आपके घर में वैभवता (धन, सम्पदा, ऐश्वर्य, भक्ति और ज्ञान) बनी रहेगी। जिससे घर व व्यापार में सुख की प्राप्ति होती है।
प्रोजेक्ट मनी / बोल कबोल (कल्कि के मानने वालों के लिए विशेष)
- मकान / दुकान / प्लॉट / बेचना-खरीदना 1%
- विवादित-झगड़ेवाले-प्रॉपर्टी के बेचने खरीदने पर 5%
- सामान्य शादी होने का 1%
- शादी में मुश्किलें हों तो 2%
- शादी असम्भव हो रही हो तो 5%
- गृहणी को जेवर सामान्य रूप में मिलने पर 1%
- गृहणी को जेवर जब मुश्किल से मिले 5%
- गृहणी को जेवर नहीं मिलने के आसार पर 10%
- गर्भावस्था (प्रेग्नेंसी) के दौरान होने वाले खर्च का 10%
- बच्चों / बड़ों को मिली गिफ्ट का 10%
- ब्याज, डिविडेंड, किराए, इंश्योरेंस बोनस का 5%
- नया मोबाइल लेने पर 1%
- शादी की सालगिरह के उत्सव पर 1%
- जब भाग्य में विदेशी दूर न हों 10%
- जब भाग्य में तीर्थों में घूमना न हो 1%
- मूल्यवान वस्तु खोने पर 1%






































